Header Ads

अब बिना इंटरनेट देख सकेंगे मोबाइल में वीडियो भारत बढ़ रहा है D2M(Direct to mobile) टेक्नोलॉजी में आगे



अभी तो भारत में 5G इंटरनेट सेवा की शुरुआत ढंग से हुई ही नहीं है और देश नई तकनीक की ओर बढ़ रहा है आईआईटी कानपुर, प्रसार भारती और टेलीकॉम डेवलपमेंट सोसाइटी ने डायरेक्ट-टू-मोबाइल सर्विस को लेकर जून 2022 में एक श्वेत पत्र जारी किया था इसमें इन्होंने सरकार को अवगत कराते हुए यह जानकारी दी थी की ऐसी तकनीकी का विकास किया जा सकता है जिससे टीवी की तरह ही मोबाइल में भी लाइव ब्रॉडकास्टिंग हो सकेगी जिसकी मदद से टीवी में दिखने वाले सभी चैनल्स बिना किसी 📡 डिश और रिसीवर के मदद से सीधे मोबाइल पर देख सकेंगे यह तकनीक वर्तमान में चल रही D2H (Direct to Home) का अपडेटेड स्वरूप है।
इसके लिए 526 से 582 MHz (मेगाहर्ट्ज) बैंड का इस्तेमाल किया जाएगा, जो मोबाइल और ब्रॉडकास्ट दोनों सर्विस के लिऐ हैं।

क्यों पड़ रही हैं इस तकनीक की आवश्यकता?
इन दिनों इंटरनेट उपलब्धता के कारण टीवी चैनल देखने वाले दर्शकों में काफी गिरावट आई है इन दिनों दर्शक वीडियो को सीधे मोबाइल में देख रहे हैं भारत में अभी 80 करोड़ लोग मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं जिसमे 82 प्रतिशत इंटरनेट डाटा विडियो देखने में खर्च होता हैं।
आपातकालीन स्थिति में जब इंटरनेट सेवा बंद हो तब इस तकनीक की मदद से सरकार लोगो तक सही सूचना देने में सक्षम होगी तथा सोशल मीडिया पर फैलाई जाने वाली भ्रामक खबरों से बचा जा सकता है।
इसमें दुर्गम इलाकों में जहा इंटरनेट सेवा बाधित हो वहा पर गूगल मैप जैसी एप पर एक्सेस मिल सकेगा।
इस डायरेक्ट-टू-मोबाइल टेक्नोलॉजी की वजह से महंगे सेल्यूलर स्पेक्ट्रम बैंड पर लोड कम हो जाएगा।

इस नई तकनीक के फायदे और नुकसान?
इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा इंटरनेट आने से ब्रॉडकास्टिंग कंपनीज को होने वाले घाटे से बचाया जा सकता हैं। लोगो की रुचि सीधे मोबाइल द्वारा कम खर्च या निशुल्क सेटेलाइट ब्रॉडकास्टिंग द्वारा लाइव वीडियो स्ट्रीमिंग से जोड़ा जा सकता हैं।
मोबाइल डाटा की तेज खपत और इंटरनेट ट्रैफिक को कम किया जा सकता हैं।
यह सर्विस आपात स्थिति में सूचना पहुंचाने में सक्षम होगी इसके लिए मोबाइल ऑपरेटर पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
दूसरी तरफ इंटरनेट उपलब्ध करवाने वाली कंपनियों का मानना है की इसकी वजह से उनके रेवेन्यू पर असर पड़ेगा और लोग इंटरनेट का रिचार्ज नही कराएंगे।


सरकार ने इस परियोजना को अभी धरातल पर नहीं उतारा हैं लेकिन इसको लेकर आईआईटी कानपुर, प्रसार भारती और टेलीकॉम डेवलपमेंट सोसाइटी को इसकी रूपरेखा तैयार करने को कहा हैं अगर सबकुछ सही रहा तो आप और हम सब अपने पसंदीदा टीवी चैनल को मोबाइल में भी बिना इंटरनेट के देख सकेंगे।

2 comments:

  1. What a fabulous website and posts it's a famous website in coming time

    ReplyDelete

Powered by Blogger.